Nihilist | Anti Non-vegeterianism | Cinephile | Cricket Lover | Student of Politics , history , religion and civilizations
Saturday, May 14, 2016
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
जब तक जीवन, तब तक संघर्ष। (1-Oct-2022)
हा जीवन , तुम संघर्ष; मुझ दीन की व्यथा का व्यंग बनाते तुम , मृत्यु शैय्या पर स्वप्न दिखाते तुम , नित्य हृदय छेदन , नित्य चरित्र ह्रास, जब तक...
-
तुम्हे देखता हूँ .....!(24-Mar-2008) तुम्हे देखता हूँ, और फिर तुम्हारे आसपास देखता हूँ.... हाँ नफरत करता हूँ..... बहुत नफरत करता ...
-
हा जीवन , तुम संघर्ष; मुझ दीन की व्यथा का व्यंग बनाते तुम , मृत्यु शैय्या पर स्वप्न दिखाते तुम , नित्य हृदय छेदन , नित्य चरित्र ह्रास, जब तक...
-
ना जाने कौन सी ताक़त है,जिसने मेरे विचारों को, मेरी भावनाओं को सक्षम बना दिया है. इतना सक्षम की मैं कह सकूँ की तुम ही हो जो मेरी हर सोच, ...
No comments:
Post a Comment