Tuesday, 3 December 2013

अपराजिता (20-Feb-2010)

एक शब्द जिसका कोई अर्थ नहीं ,
पर वो इतना अर्थहीन भी नहीं;
वो स्वयं में एक अर्थ,
पर शब्द, शब्दकोष में नहीं;
तुम वो शब्द ,और स्वयं ही उसका अर्थ,
तुम प्रेरणा उस अर्थ की "अपराजिता"।



एक अलौकिकता मगर अपूर्ण,
अपूर्णता जो पूर्ण से अधिक पूर्ण;
प्रायः विचारों को बेधती , कचोटती,
पर बेधन व्यक्तित्व का संभव नहीं;
तुम अलौकिक , अनुपम, मैं अकिंचन;
तुम मूल उस अलौकिकता की "अपराजिता"।



एक बहाव नदी का नहीं संवेदनाओं का ,
पर संवेदना ,दबी सी , भयभीत सी;
कभी भाव हावी, कभी विचार,
बहाव कभी भावों पर हावी, कभी विचारों पर;
कभी नौका बदल जाती है ,कभी नाविक,
तुम आकर्षण उस बहाव का "अपराजिता"।




एक योजना जो दिव्य, दैवीय ,
मनुष्य, किंकर्तव्यविमूढ़, असहाय ;
स्नेह, बंधन को टटोलता,
बंधन, जो शब्द उचित नहीं;
पर उचित या अनुचित सब योजना से परे,
तुम अभिनेत्री उस योजना की "अपराजिता" ।


Anupam S "Shlok"
www.anupamism.blogspot.com



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